Archive for July, 2011

काश

Posted: July 27, 2011 in Poetry, Romance
काश के कभी यूँ होता
मामूली ही सही
बेपरवाह सा कभी
मेरी आँखों में भी जूनून होता
 
एक हसरत है जो तुझे छूने की
उस हसरत को थोडा सुकून होता
 
काश के कभी यूं होता
दो पल को ही सही
बेपर्दा सा कभी
बस मैं होता और तू होता
काश के कभी यूं होता
 
– मोहित जैन
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